Saturday, January 29, 2011

ek chidiya.. anek chidiyan :)

ममम ममम

हिंद देश ... मममहूहू ... हम सभी .... एक हैं ... तारा रा रा रा
भाषा अनेक हैंममम ममम भाषा अनेक हैं .... ममम ममम

ये अनेक क्या हैं दीदी ?
अनेक यानि बहुत सारे ....
बहुत सारे , क्या बहुत सारे ?
अच्छा , बताती हूँ ...

सूरज एक ...
चंदा एक .....
तारे अनेक ....

तारों को अनेक भी कहतें हैं ?????
नहीं नहीं !!
देखो फिर से
सूरज एक , चंदा एक , एक एक एक करके तारे भये अनेक ....
ठीक से समझाओ ना दीदी

देखो देखो एक गिलहरी
पीछे पीछे अनेक गिलहरियाँ
एक तितली , ..... एक और तितली ......
एक एक एक करके हो गयी अब , अनेक तितलियाँ...

समझ गया दीदी
एक ऊँगली , अनेक उंगलियाँ

हाँ,

दीदी दीदी वो देखो अनेक चिड़ियाँ ...

अनेक चिड़ियों की कहानी सुनोगे ....
हाँ हाँ

आ आ आ ,

एक चिड़िया , एक एक करके अनेक चिड़ियाँ ....
दाना चुगने आयी चिड़ियाँ .....
chorus : दीदी हमें भी सुनाओ ना....

तो सुनो फिरसे ...

एक चिड़िया , अनेक चिड़ियाँ
दाना चुगने बैठ गयी थी .....

हाय राम , पर वहाँ ब्याध ने एक जाल बिछाया था ...

ब्याध , ब्याध कौन दीदी ?
ब्याध ... चिड़ियाँ पकड़ने वाला

"फिर क्या हुआ दीदी , ब्याध ने उन्हें पकड़ लिया , मार डाला ... "

उंहूँ..

हिम्मत से गर जुटे रहें तो
छोटे हो पर , मिले रहें तो
बड़ा काम भी होवे भैया ...
बड़ा काम भी होवे भैया ...

एक ..दो ..तीन ..

चतुर चिड़ियाँ , सयानी चिड़ियाँ
मिलजुल कर , जाल ले कर , भागी चिड़ियाँ
फुर्रर्रर

दूर , एक गाँव के पास , चिड़ियों के दोस्त , चूहे रहते थे ....
और उन्होंने , चिडियों का जाल काट दिया .........

तो देखा फिर तुमने , अनेक जब एक हो जाते हैं तो कैसा मज़ा आता है

दीदी मैं बताऊँ ...

हो गए एक ...
बन गयी ताकत ..
बन गयी हिम्मत ...

दीदी अगर हम एक हो जाएँ तो बड़ा काम कर सकते हैं ?
हाँ हाँ , क्यों नहीं ...
तो इस पेड़ के आम भी तोड़ सकते हैं ???
हाँ , तोड़ सकते हैं , पर जुगत लगानी होगी ...

*
* *
* * *
* * * *

अच्छा , ये जुगत , वाह ... बड़ा मज़ा आयेगा ..

हिंद देश के निवासी सभी जन एक हैं , -२
रंग-रूप वेश-भाषा चाहे अनेक हैं -२
एक -अनेक ... एक -अनेक ...

सूरज एक , चंदा एक , तारे अनेक ,
एक तितली , अनेक तितलियाँ
एक गिलहरी , अनेक गिलहरियाँ
एक चिड़िया , एक एक ... अनेक चिड़ियाँ

बेला गुलाब जूही चंपा चमेली..... -२
फूल हैं अनेक किन्तु माला फिर एक है...-२

KAHANI LE LO..

guchha hai bhai guchha hai
kahaniyon ka guchha hai
kahani lelooooooooo

bhari-bharkam ek kahani... kele ke chhilke pe fisli
ek kahani halki-fulki..ud jaye wo ban ke titli
khatti ho to namak laga ke..
khatti ho to namak laga ke, gale me atke, pani lelo
lelo
leloooooooooooooo

guchha hai bhai guchha hai
kahaniyon ka guchha hai
kahani lelooooooooo

Saturday, January 15, 2011

uthe sab ke kadam :)

Uthe sab ke kadam, dekho ram-pam-pam
aji aise geet gaya karo...

Kabhi khushi kabhi gam, tara-ram-pam-pam
haso aur hasaya karo...

lala.. la lalala.. la lalala la lalala
lala.. la lalala.. la lalala la lalala

Vo pyaare din aur vo pyaarii raate
yaad hame hai vo mulaakaate

nahi koi gam mujhe nahi hai gilaa
Zindagi ki raah me milaa hai jabse tu mere humdam
Shabanam ham hai aur tum shola ban jaya karo

Kabhii Khushii ...
lala.. la lalala.. la lalala la lalala
lala.. la lalala.. la lalala la lalala

Rang nayaa hai.. rup naya hai..
Jine ka to jane kaha dhang gaya hai..

Kise hai fikar inhe kya pasand
Pyaar ke jahan me razamand jab ham tum tum ham
ban gaye hai sanam bedhadak- Mere ghar aya karo

Kabhii Khushii ...
lala.. la lalala.. la lalala la lalala
lala.. la lalala.. la lalala la lalala

मेरा गाना

mera gana.. hai bahana..

halo-halo, ka tarana..

masti ka tu hai khajana..
maine tujhe yaar mana..