दिल ना उम्मीद तो नहीं, नाकाम ही तो है
लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
ये सफ़र बहुत है कठिन मगर, ना उदास हो मेरे हमसफ़र
ये सफ़र बहुत है कठिन मगर, ना उदास हो मेरे हमसफ़र
ये सितम की रात है ढलने को, है अँधेरा ग़म का पिघलने को
ये सितम की रात है ढलने को, है अँधेरा ग़म का पिघलने को
ज़रा देर इस में लगे अगर, ना उदास हो मेरे हमसफ़र
नहीं रहनेवाली ये मुश्किलें, के हैं अगले मोड़ पे मंजिलें
नहीं रहनेवाली ये मुश्किलें, के हैं अगले मोड़ पे मंजिलें
मेरी बात का तू यकीन कर, ना उदास हो मेरे हमसफ़र
कभी ढूंढ़ लेगा ये कारवां, वो नयी ज़मीं नया आसमान
कभी ढूंढ़ लेगा ये कारवां, वो नयी ज़मीं नया आसमान
जिसे ढूँढती है तेरी नज़र, ना उदास हो मेरे हमसफ़र
ये सफ़र बहुत है कठिन मगर, ना उदास हो मेरे हमसफ़र
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